Monday, February 22, 2010

साहित्यिक मेला








अंतरराष्‍ट्रीय मातृ भाषा दिवस 21 फरवरी (2010) के दिन राजस्‍थान के फतेहपुर-शेखावाटी में राजस्‍थानी भाषा के साहित्‍यकारों का एक मेला भरा। अवसर था- धानुका सेवा ट्रस्‍ट, फतेहपुर-शेखावाटी द्वारा पुरस्‍कार वितरण समारोह।

ट्रस्‍ट के मुख्‍य ट्रस्‍टी और व्‍यवसायी, साहित्‍यप्रेमी श्री नरेन्‍द्रकुमार धानुका कोलकाता रहते हैं और प्रतिवर्ष अपनी जन्‍मभूमि फतेहपुरशेखावाटी में ऐसे मेले का आयोजन करते हैं। हरेक वर्ष फतेहपुर की भूमि पर अनेक साहित्‍यकार-साहित्‍यानुरागी जुटते हैं।

समारोह में राजस्‍थानी भाषा, साहित्‍य एवं संस्‍कृति अकादमी बीकानेर के पूर्व अध्‍यक्ष श्री सीताराम महर्षि, पूर्व उपाध्‍यक्ष श्री हनुमान दीक्षित, साहित्‍य अकादेमी नई दिल्‍ली के राजस्‍थानी भाषा परामर्श मंडल संयोजक डॉ. चंद्रप्रकाश देवल, साहित्‍यकार एवं राष्‍ट्रभाषा हिन्‍दी प्रचार समिति के श्री श्‍याम महर्षि, आचार्य तुलसी शोध संस्‍थान बीकानेर के डॉ. किरण नाहटा, राजस्‍थानी भाषा के समृद्ध रचनाकार श्री बैजनाथ पंवार, डॉ. गोरधनसिंह शेखावत, डॉ. मदन सैनी इस समारोह में मंचासीन हुए।

सहभागी रूप में साहित्‍यकार श्री भंवरसिंह सामौर, डॉ. उदयवीर शर्मा, श्रीभगवान सैनी, रवि पुरोहित, शंकर झकनाडि़या, केसरीकांत केसरी, सत्‍यनारायण इंदौरिया, प्रमोद कुमार शर्मा, डॉ. चेतन स्‍वामी, देवकरण जोशी दीपक, किशोर निर्वाण, विश्‍वनाथ भाटी, डॉ. महावीर पंवार, उम्‍मेद धानियां, डॉ. रामकुमार घोटड़, कुमारअजय, उम्मेद गोठवाल‍, डॉ. महेन्‍द्रसिंह मील, शिशुपालसिंह नारसरा, शंभु खेड़वाल सहित अनेक साहित्‍यकारों का समागम हुआ।
एक रूप में यह साहित्यिक मेला ही रहा।

समारोह में श्री बैजनाथ पंवार को मानुष-तनु सम्‍मान, डॉ. गोरधनसिंह शेखावत को श्री सरस्‍वती सेवा पुरस्‍कार-2008, डॉ. मदन सैनी को श्री सरस्‍वती सेवा पुरस्‍कार-2009 व दुलाराम सहारण को बसंतीदेवी धानुका युवा साहित्‍यकार पुरस्‍कार-2009 प्रदत्‍त किया गया।

समारोह में डॉ. रामकुमार घोटड़ की पुस्‍तक 'देश-विदेश की लघुकथाएं' व श्री शिशुपालसिंह नारसरा संपादित एकांकी संग्रह का विमोचन भी किया गया।

ढेरों स्‍मृतियों लिए यह आयोजन चिर स्‍मरणीय रहेगा।

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