Tuesday, March 9, 2010

साहित्‍य प्रेमियों को निराशा हुई है

राजस्‍थान के वित मंत्री श्री अशोक गहलोत ने राज्‍य का सालाना बजट (2010-11) आज राज्‍य विधानसभा में प्रस्‍तुत किया। चूंकि श्री अशोक गहलोत राज्‍य के मुख्‍यमंत्री भी हैं अतएव यह बजट काफी मायने रखता है।
बजट में नई सौर ऊर्जा नीति लागू करने की कवायद, जल नीति को गंभीरता से लेने का संकल्‍प, नि:शक्‍त जन नीति‍ बनाई जाने की पहल है। वहीं खाद्य, नागरिक एवं आपूर्ति निगम की स्‍थापना के साथ ही हरेक माह की 15 से 21 तारीख तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण और उस वक्‍त एक सरकारी कर्मचारी की मौजूदगी, निस्‍संदेह एक संतोषजनक पहल है। निगम हेतु 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
वहीं 21 लाख किसानों के लिए 5 हजार करोड़ के ऋण की घोषणा किसानों के लिए कुछ सुखद है। अल्‍पसंख्‍यकों के लिए खासकर मदरसों में 1000 शिक्षा सहयोगी व संविदा पर कम्‍प्‍यूटरकर्मी लगाये जाने की घोषणा की गई है वहीं नगरीय विकास विभाग की तरफ से दस्‍तकार योजना अमल में लाने का अमलीजामा पहनाया गया है, जोकि स्‍वागत योग्‍य है। वक्‍फ बोर्ड के लिए 50 लाख राशि का प्रावधान भी किया गया है।
ऊर्जा क्षेत्र में विस्‍तार के संकल्‍प के साथ कुल बजट का 52 प्रतिशत समर्पण सरकार की प्राथमिकता दर्शाता है। वहीं सामाजिक कल्‍याण के लिए ज्‍यादा लोकलुभावने वादे न करना सरकार की दृष्टि का रूपाकंन भी।
जोधपुर सहित दो मानसिक विमंदितों के लिए आवासीय चिकित्‍सालय खोलने की घोषणा जरूरी कदम है।
वृद्धावस्‍था पेंशन आयवर्ग के अनुसार समुचित बढाना एवं स्‍वतंत्रता सेनानियों की पेंशन 8 हजार से 10 रूपये मासिक करना संबल है। मुख्‍यमंत्री चिकित्‍सा कोष में बीपीएल चिकित्‍सा सेवा का दायरा विधवा, विकलांग एवं वृद्ध जनों तक विस्‍तृत करना, वास्‍तव में स्‍वागत योग्‍य है। वहीं विकलांगों के लिए राजस्‍थान राज्‍य पथ परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा का तोहफा सभी को प्रभावित कर गया। बीपीएल को 1 मई से 2 रूपये प्रतिकिलो की दर से 170 करोड़ वाली गेहूं योजना लोकलुभावनी कही जा सकती है।
2300 कांस्‍टबेल, 1000 अंग्रेजी स्‍कूल व्‍याख्‍याता की भर्ती की घोषणा स्‍वागत योग्‍य है, लेकिन यह संख्‍यात्‍मक दृष्टि से कम महसूस होती है।
एनसीआरटी की तर्ज पर राजस्‍थान के इतिहास एवं ज्ञान को समावेशित करते हुए कक्षा 9 से 12 तक का पाठ्यक्रम लागू करने का संकल्‍प, शिक्षा पद्धति में आमूलचूल बदलाव का संकेत है।
मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र आदि पर लगने वाली स्‍टाम्‍प डयूटी पूर्णतया हटाने की घोषणा खासकर विद्यार्थियों के लिए लाभकारी है। वहीं शहरी क्षेत्रों में 100 यूनिट से ज्‍यादा बिजली पर 10 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्‍त लागू कर उसे शहरी निकायों को देना एकभांति उपभोक्‍ताओं के लिए कष्‍टदायक है।

वहीं साहित्‍य के लिए कुछ घोषणा न होना भी कष्‍टदायक है, कला एवं संस्‍कृति के क्षेत्र हेतु 1 करोड़ रूपये अतिरिक्‍त देना जरूर स्‍वागत योग्‍य है लेकिन यह राशि पर्याप्‍त नहीं है और समुचित बढोतरी नहीं मानी जा सकती।
कुछ लोगों द्वारा सभी अकादमियों पर एक नियंत्रणकारी संस्‍था बनाकर निदेशक बनाने के प्रयास का पटाक्षेप हो जाना सुखद है। बजट में इस तरह की घोषणा का इंतजार था।

सरकार द्वारा साहित्‍य अकादमियों का बजट और इस दिशा में इच्‍छा शक्ति का अभाव खलने वाला है, जिससे सभी साहित्‍य प्रेमियों को निराशा ही हुई है।

कर राहतों के पिटारा के बीच बजट संतुलित जरूर माना जा सकता है।

मुझे जो पहलू अच्‍छा लगा वह सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने का संकल्‍प है, जैसे नई सौर ऊर्जा नीति बनाना एवं सभी सौर ऊर्जा उपकरणों को कर मुक्‍त करना। ऊर्जा संकट के लिए इस तरह के प्रयोग राजस्‍थान में सराहनीय हो सकते हैं। बधाई।

3 comments:

  1. Shrimali ke nidhan ka samachar jan kar dukkh hua.sahitya jagat ke liye kshati hai jise samay hi bhar payega.
    V.N.Bhati,Taranagar [churu]

    ReplyDelete
  2. MERA BHART MHAN

    M ABHAYWART HINDUSTHANI(B.ED.,M.PHIL.,NET)

    HME BHART MATA KO PRM VEBHAV PR LEJANA H.

    ReplyDelete
  3. The Abhaywart Hindu (B.ed.,M.Phel.,Net)

    "Sanskrit - Moksh H
    Hindi - Hmara Dharm H
    Rajsthani - Hmara Krm H
    Angreji - Kevl Matr Kam H To Sanshkrti Me
    Rhte Hue Hindi Or Rajsthani Ka Hi
    PrYog Kre.

    ReplyDelete